April 17, 2024

देहरादून। देशभर में बाघों के संरक्षण के तहत हो रहे प्रयासों के बीच उत्तराखंड़ से बुरी खबर आई है कि बीते पांच महीने में 12 बाघ-बाघिनों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक मौतें कुमाऊं के सेंट्रल तराई क्षेत्र में हुई हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं को विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। देशभर में बाघों की संख्या करीब 3167 बताई गई है। वर्ष 2018 की गणना के अनुसार उत्तराखंड में बाघों की संख्या 442 है। अभी राज्यवार आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी इन्हीं आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना जताकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। इसके उलट जिस तेजी से बाघों की मौत हो रही है, उससे तस्वीर का रंग धुंधला भी हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *