May 25, 2024

पौड़ी : नियुक्ति में भ्र्ष्टाचार के ऑडियो स्टिंग में फंसे पूर्व मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत को पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। इस चर्चित प्रकरण में गएक कर्मी की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है।

दिनांक 07.12.2022 को वादी आशुतोष नेगी, पौड़ी गढवाल द्वारा कोतवाली पौड़ी पर मु0अ0स0- 47/2022, धारा-120 बी भा0द0वि0 व 7/13 (1) (डी)/13(2) भ्रष्टाचार अधि0 बनाम मदन सिंह रावत आदि पर अभियोग पंजीकृत कराया गया। अभियोग पंजीकृत होने के पश्चात पौडी पुलिस द्वारा दिनांक 15.10.2023 को अभियोग उपरोक्त में संलिप्त एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्वेता चौबे द्वारा उक्त अभियोग को गम्भीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुये अभियोग उपरोक्त में नामजद वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया था।

गोविन्द कुमार प्रभारी निरीक्षक पौड़ी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा ठोस सुरागरसी-पतारसी कर सर्विलान्स की मदद उक्त अभियोग में संलिप्त अभियुक्त मदन सिंह (उम्र 60 वर्ष) को दिनांक 01.11.2023 को बिन्दाल पुल,देहरादून के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेशकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.

सितंबर 2018 में पौड़ी के तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों का कथित स्टिंग हुआ था। इसमें एक कॉलेज में अपने संबंधी की नियुक्ति करने व घूस लेने की वार्ता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

मीडिया ने भी इसे प्रकाशित किया था। इस मामले की जांच के लिए उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनहित याचिका में तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत, हरे राम यादव, प्रबंधक उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटगढ़ पौड़ी, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पटल सहायक अनिल नेगी सहित सरकार को पक्षकार बनाया गया है।

हाईकोर्ट में चला केस

नैनीताल हाईकोर्ट ने पौड़ी जिले के शिक्षा अधिकारियों का सितंबर 2018 में हुए स्टिंग प्रकरण की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की जांच कर तीन सप्ताह में अपना व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करें। कोर्ट ने पूछा कि जो अधिकारी इसमें शामिल हैं उन पर क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष पौड़ी निवासी पुष्कर सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि मामले की जांच की क्या स्थिति है। इस पर सरकार की ओर से बताया गया कि जाचं चल रही है। कोर्ट ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 2022 में इस मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है और दो साल पूरे होने को हैं, लेकिन अभी तक जांच क्यों पूरी नहीं हो पाई।

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